श्रम का अपव्यय

पिछली बार जब हम ‘मूल्य सृजन’ (Value Creation) के दार्शनिक पहलुओं पर माथापच्ची कर रहे थे, तो मुझे लगा था कि शायद तुम इस पूंजीवादी मशीन के पुर्जों की खड़खड़ाहट के पीछे का सच देख पाओगे। लेकिन आज, इस धुएँ से भरे ढाबे में, जब मैं तुम्हें और तुम्हारे जैसे इन अनगिनत ‘कॉर्पोरेट मज़दूरों’ को अपने लैपटॉप की स्क्रीन पर टकटकी लगाए देखता हूँ, तो मुझे तरस आता है। तुम जिसे अपना ‘करियर’ कहते हो, वह असल में मनोविज्ञान का खेल नहीं, बल्कि ‘थर्मोडायनामिक्स’ (ऊष्मागतिकी) की एक बहुत ही भद्दी और हारी हुई लड़ाई है। ब्रह्मांड का सबसे क्रूर नियम है ‘एन्ट्रोपी’—यानी अव्यवस्था का बढ़ना—और तुम्हारा यह 9-से-5 का तमाशा उसी अव्यवस्था को रोकने की एक बेतुकी कोशिश है।

मिथ्या: सड़े हुए समोसे का अर्थशास्त्र

लोग अकसर छाती पीट-पीटकर कहते हैं कि वे ऑफिस जाकर ‘वैल्यू’ पैदा कर रहे हैं। क्या मज़ाक है। अगर तुम किसी भी आधुनिक दफ्तर की कार्यप्रणाली को ध्यान से देखो, तो वह किसी कचरा ढोने वाली गाड़ी के ‘हाइड्रोलिक प्रेस’ से ज्यादा कुछ नहीं है। तुम सुबह नहा-धोकर, महंगा इत्र लगाकर निकलते हो, लेकिन शाम तक तुम्हारी आत्मा से उसी ‘फाइल-फाइल’ के खेल की बासी बदबू आने लगती है। यहाँ ‘श्रम’ (Labor) का मतलब किसी नई चीज़ का निर्माण करना नहीं है, बल्कि यह एक ‘डिसिपेटिव स्ट्रक्चर’ (Dissipative Structure) है। हम ऊर्जा का उपभोग केवल इसलिए कर रहे हैं ताकि सिस्टम पूरी तरह से बिखर न जाए।

ज़रा सोचो, एक मैनेजर दिन भर करता क्या है? उसका काम बस उस अराजकता को एक सुंदर डिब्बे में बंद करना है जिसे ‘तिमाही रिपोर्ट’ कहा जाता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे गली के नुक्कड़ पर खड़ा कोई हलवाई कल की बची हुई खट्टी चाशनी को आज की जलेबियों में मिलाकर उसे ‘ताज़ा’ बताकर बेच रहा हो। तुम बस उस कचरे को इधर से उधर कर रहे हो। जितनी अधिक बैठकें, उतनी अधिक ‘हीट’ (Heat) पैदा होती है, और काम? काम तो बस एक बहाना है उस ऊर्जा को जलाने का जो तुम अपने घर से लेकर आए थे। यह कोई उत्पादकता नहीं है, यह धीरे-धीरे मरने का एक व्यवस्थित तरीका है।

ऊष्मागतिकी: एर्गोनोमिक लाचारी

अब ज़रा इस ‘फ्री एनर्जी प्रिंसिपल’ (Free Energy Principle) के पाखंड को देखो। कार्ल फ्रिस्टन ने कहा था कि जैविक प्रणालियाँ ‘सरप्राइज’ यानी अनिश्चितता को कम करना चाहती हैं। तुम्हारा दिमाग असल में काम नहीं करना चाहता, वह बस भविष्यवाणी करना चाहता है। जब तुम्हारा बॉस तुम्हें शुक्रवार की शाम को कोई ‘अर्जेंट’ काम सौंपता है, तो वह असल में काम नहीं करवा रहा होता; वह अपने दिमाग की अनिश्चितता और घबराहट को तुम्हारे सिर पर ‘डंप’ कर रहा होता है। यह कार्य का आवंटन नहीं, बल्कि मानसिक कचरे का विसर्जन है।

और तुम? तुम इस अव्यवस्था से निपटने के लिए क्या करते हो? तुम बाज़ार के झांसे में आ जाते हो। तुम्हें लगता है कि अगर तुम अपनी पीठ के नीचे वह महंगी, जालदार एर्गोनोमिक कुर्सी लगा लोगे, तो तुम्हारी उत्पादकता बढ़ जाएगी। क्या बेवकूफी है। वह कुर्सी तुम्हारी रीढ़ की हड्डी को सहारा देने के लिए नहीं है, बल्कि वह तुम्हें उस जगह पर जकड़े रखने का एक महंगा उपकरण है जहाँ तुम्हारी आत्मा का रोज़ाना चीरहरण होता है। हज़ारों रुपये खर्च करके उस कुर्सी पर बैठकर भी अगर तुम वही बेमतलब की एक्सेल शीट भर रहे हो जो कल ‘डिलीट’ कर दी जाएगी, तो तुम अपनी ऊर्जा और धन दोनों को एक ब्लैक होल में फेंक रहे हो। तुम्हारा शरीर एक पुरानी इन्वर्टर बैटरी की तरह हो चुका है—चार्जिंग दिखा तो रहा है, लेकिन लोड पड़ते ही ‘लो-वोल्टेज’ का सायरन बजा देता है।

अनुकूलन: नींबू और कड़वाहट

किसी संगठन के भीतर कार्यों का बंटवारा वैसा ही है जैसे कोई सूखे हुए नींबू से रस निकालने की ज़िद करे। तुम जितना अधिक ‘ऑप्टिमाइज़’ (Optimize) करने की कोशिश करते हो, छिलके से उतना ही ज्यादा कड़वा तेल बाहर आता है। ऑफिस की राजनीति, वह ठंडी हो चुकी कैंटीन की चाय, और वह सहकर्मी जो हमेशा तुम्हारे मॉनिटर में झाँकता रहता है—यह सब वह ‘घर्षण’ (Friction) है जो सिस्टम की दक्षता को खा जाता है। जिसे तुम ‘इनोवेशन’ कहते हो, वह अक्सर सिस्टम में आने वाली एक ऐसी खराबी या ‘बग’ होता है जिसे मार्केटिंग विभाग ने गलती से ‘फीचर’ बताकर बेच दिया है।

क्या बकवास है। घर जाने का मन कर रहा है।

सच्चाई यह है कि हर कर्मचारी एक ‘हीट सिंक’ (Heat Sink) है। तुम्हारा काम है संगठन की गर्मी को सोखना और खुद जलना ताकि ऊपर बैठे लोग ठंडे रह सकें। तुम जितना अधिक ‘सिनर्जी’ और ‘कोलाबोरेशन’ का ढोंग करोगे, उतनी ही अधिक जटिलता और एन्ट्रापी पैदा होगी। अंत में, तुम केवल एक जैविक पुर्जा हो। जब तुम्हारी क्षमता खत्म हो जाएगी, तो थर्मोडायनामिक्स के नियम के तहत तुम्हें बदलकर कोई नया, सस्ता पुर्जा लगा दिया जाएगा जो अभी ‘जुनून’ के नशे में चूर होगा। अब अपना मुँह बंद करो, बिल चुकाओ और यहाँ से निकलो। तुम्हारी मायूसी मेरी व्हिस्की का स्वाद खराब कर रही है।

コメント

コメントを残す

メールアドレスが公開されることはありません。 が付いている欄は必須項目です